कवर्धा : ओड़िशा के बरगढ़ जिले से ट्रक में भूसे की बोरियों के नीचे 91.61 लाख रुपए कीमती 9.16 क्विंटल गांव छिपाकर लाया जा रहा था। मध्यप्रदेश के झांसी में इसकी डिलवरी देना था। इससे पहले ही छग-मप्र बॉर्डर पर चिल्फी पुलिस ने गांजा से भरे ट्रक को पकड़ा लिया। चिल्फी में ही आरटीओ बैरियर से होकर यह गांजे से भरा ट्रक गुजर गया, लेकिन अफसरों ने चेकिंग तक नहीं की। सिर्फ कागज देखकर गाड़ी को जाने दिया।
मिली जानकारी के मुताबिक आरोपी मनोज कुमार पिता गाेधन निषाद (29) सारंगढ़, जिला रायगढ़ का रहने वाला है। पेशे से ड्राइवर है और हाल मुकाम बरगढ़ (ओड़िशा) में रहकर काम करता है। आरोपी मनोज आइशर ट्रक में धान के भूसे से भरी बाेरियों के नीचे 9.16 क्विंटल गांजा छिपाकर झांसी (मप्र) जा रहा था।
छग बॉर्डर पार कराने व गांजा को झांसी पहुंचाने के लिए उसे सरगनाओं ने 20 हजार रुपए दिए थे। आरोपी गांजे से भरा ट्रक लेकर मध्यप्रदेश पहुंच पाता, चिल्फी पुलिस ने बॉर्डर पर ही उसे दबोच लिया। आरोपी मनोज निषाद ट्रक में गांजा लेकर बरगढ़ (ओड़िशा) से जांजगीर चांपा के रास्ते छग में इंटर किया। सिमगा होते हुए बेमेतरा और कबीरधाम जिले के अंतिम छोर व एमपी बॉर्डर से लगे चिल्फी तक पहुंच गया था।
ओडिशा पासिंग गाड़ी में भूसा भरा होने पर हुआ शक
छग- मप्र बॉर्डर पर चिल्फी में पुलिस 24 घंटे तैनात है। चिल्फी टीआई रमाकांत तिवारी ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर नाकेबंदी कर गाड़ियों की तलाशी ली जा रही थी। बैरियर पर तैनात जवानों ने जब ओडिशा पासिंग गाड़ी में भूसा भरा होना देखा, तो शक हुआ।
पूछताछ में ड्राइवर ने बताया कि वह भूसा लेकर झांसी (मप्र) जा रहा है। भूसे को ओडिशा से झांसी ले जाने की बात पुलिस को खटकी। क्योंकि जितना भूसा ट्रक में लोड था, उससे तो ओडिशा से झांसी के बीच ट्रक का डीजल खर्च भी नहीं निकल पाता। शक होने पर पुलिस ने ट्रक की तलाशी ली, तो भूसे के नीचे गांजा के 915 पैकेट बरामद किए, जो खाकी रंग के टेप से पैक किए थे।
